होम / शायर : साहिर लुधियानवी

Read Shayari in Hindi

आँख से अश्क...


जान-ए-तन्हा पे गुजर जायें हजारो सदमें,
आँख से अश्क रवाँ हों ये ज़रूरी तो नहीं।

- साहिर लुधियानवी


एडमिन द्वारा दिनाँक 29.11.16 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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तुम अपनी निगहबानी...


मैं देखूँ तो सही यह दुनिया तुझे कैसे सताती है,
कोई दिन के लिए तुम अपनी निगहबानी मुझे दे दो।

- साहिर लुधियानवी


एडमिन द्वारा दिनाँक 15.09.16 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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मेरे हाथ महकते रहे...


मेरे हाथ महकते रहे तमाम दिन...।
जब ख्वाब में तेरे बाल संवारे मैंने ।।

- साहिर लुधियानवी


एडमिन द्वारा दिनाँक 04.02.15 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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