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मेरे हाथ महकते रहे...


( एडमिन द्वारा दिनाँक 04.02.15 को प्रस्तुत )
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मेरे हाथ महकते रहे तमाम दिन...।
जब ख्वाब में तेरे बाल संवारे मैंने ।।

- साहिर लुधियानवी



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