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यह जो हिज्र में...


( एडमिन द्वारा दिनाँक 24.06.16 को प्रस्तुत )
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यह जो हिज्र में दीवार-ओ-दर को देखते हैं,
कभी सबा को कभी नामबर को देखते हैं,
वो आये घर में हमारे खुदा की कुदरत है,
कभी हम उनको कभी अपने घर को देखते हैं।




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