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इक़रार का डर

( सैयद फैसल रिज़वी द्वारा दिनाँक 28-06-2016 को प्रस्तुत )
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डरता हूँ इक़रार से कहीं वो इनकार न कर दे,
यूँ ही तबाह अपनी जिंदगी हम यार न कर दे.

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