होम / शराब शायरी / नजर मिला के पिला

नजर मिला के पिला...


( एडमिन द्वारा दिनाँक 05.07.16 को प्रस्तुत )
Advertisement

शिकन न डाल जबीं पर शराब देते हुए,
यह मुस्कराती हुई चीज मुस्करा के पिला,
सरूर चीज के मिकदार में नहीं मौकूफ,
शराब कम है साकी तो नजर मिला के पिला।

- अब्दुल हमीद अदम



Advertisement

आप इन्हें भी पसंद करेंगे

Advertisement
Ads from AdNow
loading...

« पिछला पोस्ट अगला पोस्ट »