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कुछ को ख्वाब

( कुलदीप वत्स द्वारा दिनाँक 07-03-2015 को प्रस्तुत )
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कुछ को ख्वाब देख के
जीने की आदत है,
कुछ को मैखाने में
पीने की आदत है ।

हम हैं परेशां दीवानापन
की आदतों से,
पर जाने क्यों शादी की
शहनाईयों से डरते हैं ।

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