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औकात की बात मत

( प्रीतम वसुनिया द्वारा दिनाँक 30-07-2016 को प्रस्तुत )
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औकात की बात मत कर पगली...
हम जिस गली में पैर रखते हैं,
वहाँ की लड़कियां अक्सर कहती हैं,
बहारो फूल बरसाओ मेरा महबूब आया है।

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