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रो लेते है कभी...


( अनिल कुमार साहू द्वारा दिनाँक 23.08.16 को प्रस्तुत )
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रो लेते हैं कभी कभी,
ताकि आंसुओं को भी कोई शिकायत ना रहे।




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