होम / एटीट्यूड शायरी / लौटने का तकल्लुफ़

लौटने का तकल्लुफ़...


( आजाद यादव सिकंदर द्वारा दिनाँक 01.10.16 को प्रस्तुत )
Advertisement

तुम लौट के आने का तकल्लुफ़ मत करना,
हम एक मोहब्बत को दोबारा नहीं करते।

लौटने का तकल्लुफ़



Advertisement

आप इन्हें भी पसंद करेंगे

Advertisement
Ads from AdNow
loading...

« पिछला पोस्ट अगला पोस्ट »