होम / मौत शायरी / कशिश तो बहुत है

कशिश तो बहुत है...


( एडमिन द्वारा दिनाँक 16.10.16 को प्रस्तुत )
Advertisement

कशिश तो बहुत है मेरे प्यार में,
लेकिन वो पत्थर दिल पिघलता नहीं,
अगर मिले खुदा तो माँगूंगी उसको,
मगर ख़ुदा मरने से पहले मिलता नहीं।

कशिश तो बहुत है



Advertisement

आप इन्हें भी पसंद करेंगे

Advertisement
Ads from AdNow
loading...

« पिछला पोस्ट अगला पोस्ट »