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तन्हाई के समंदर...


( उमेश वर्मा द्वारा दिनाँक 18.10.16 को प्रस्तुत )
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सुकून अपने दिल का मैंने खो दिया,
खुद को तन्हाई के समंदर मे डुबो दिया,
जो थी मेरे कभी मुस्कराने की वजह,
उसकी कमी ने मेरी पलकों को भिगो दिया।

तन्हाई के समंदर



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