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बदन में आग सी

( एडमिन द्वारा दिनाँक 19-10-2016 को प्रस्तुत )
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बदन में आग सी है चेहरा गुलाब जैसा है,
कि ज़हर-ए-ग़म का नशा भी शराब जैसा है,
इसे कभी कोई देखे कोई पढ़े तो सही,
दिल आइना है तो चेहरा किताब जैसा है।

~ अहमद फ़राज़
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