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आंसुओं में ढलकर...


( एडमिन द्वारा दिनाँक 21.10.16 को प्रस्तुत )
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हुए जिसपे मेहरबां तुम कोई खुशनसीब होगा,
मेरी हसरतें तो निकलीं मेरे आंसुओं में ढलकर।

आंसुओं में ढलकर



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