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न जाने क्यों लोग...


( तनु डोंगरे द्वारा दिनाँक 25.10.16 को प्रस्तुत )
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न जाने क्यों लोग अपना बना के सज़ा देते है,
जिंदगी छीन के... ज़िन्दगी की दुआ देते है ।




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