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फिर न इंतज़ार...


( एडमिन द्वारा दिनाँक 02.11.16 को प्रस्तुत )
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ता फिर न इंतज़ार में नींद आये उम्र भर,
आने का अहद कर गये आये जो ख्वाब में।

- मिर्ज़ा ग़ालिब



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