होम / शिक़वा शायरी / कसूर किसका था

कसूर किसका था

( प्रियादीप द्वारा दिनाँक 03-11-2016 को प्रस्तुत )
-Advertisement-

दिमाग पर जोर डालकर गिनते हो
गलतियाँ मेरी,
कभी दिल पर हाथ रख कर पूछना
कि कसूर किसका था।

कसूर किसका था शायरी
-Advertisement-

आप इन्हें भी पसंद करेंगे

-Advertisement-
पेज शेयर करें
   
© 2015-2017 हिंदी-शायरी.इन | डिसक्लेमर | संपर्क करें | साईटमैप
Best Shayari in hindi | Love Sad Funny Shayari and Status in Hindi