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तपिश और बढ़ गई...


( एडमिन द्वारा दिनाँक 24.11.16 को प्रस्तुत )
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तपिश और बढ़ गई इन चंद बूंदों के बाद,
काले स्याह बादल ने भी बस यूँ ही बहलाया मुझे।




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