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रोशनी कच्चे घरों तक

( एडमिन द्वारा दिनाँक 27-11-2016 को प्रस्तुत )
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वो जिसकी रोशनी कच्चे घरों तक भी पहुँचती है,
न वो सूरज निकलता है, न अपने दिन बदलते हैं।

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