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बेरुखी की इन्तेहाँ...


( एडमिन द्वारा दिनाँक 27.11.16 को प्रस्तुत )
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देखी है बेरुखी की... आज हम ने इन्तेहाँ,
हमपे नजर पड़ी तो वो महफ़िल से उठ गए।




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