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आँसू निकल पड़े...


( एडमिन द्वारा दिनाँक 28.11.16 को प्रस्तुत )
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इतना तो ज़िंदगी में, न किसी की खलल पड़े,
हँसने से हो सुकून, न रोने से कल पड़े,
मुद्दत के बाद उसने, जो की लुत्फ़ की निगाह,
जी खुश तो हो गया, मगर आँसू निकल पड़े।




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