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कहीं ऐसा न हो जाये...


( एडमिन द्वारा दिनाँक 29.11.16 को प्रस्तुत )
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इरादे बाँधता हूँ, सोचता हूँ, तोड़ देता हूँ,
कहीं ऐसा न हो जाये, कहीं वैसा न हो जाये।




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