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मिलती रहे मोहब्बत...


( कौशल किशोर प्रजापति द्वारा दिनाँक 29.11.16 को प्रस्तुत )
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न भूख है मुझे न दौलत की प्यास बाकी है,
मिलती रहे हर किसी से मोहब्बत काफी है।




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