होम / रोमांटिक शायरी / मुलाकात हो तुझसे

मुलाकात हो तुझसे...


( एडमिन द्वारा दिनाँक 29.11.16 को प्रस्तुत )
Advertisement

तेरे हर गम को अपनी रूह में उतार लूँ,
ज़िन्दगी अपनी तेरी चाहत में संवार लूँ,
मुलाकात हो तुझसे कुछ इस तरह मेरी,
सारी उम्र बस एक मुलाकात में गुज़ार लूँ।




Advertisement

आप इन्हें भी पसंद करेंगे

Advertisement
Ads from AdNow
loading...

« पिछला पोस्ट अगला पोस्ट »