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लोग जलते रहे

( एडमिन द्वारा दिनाँक 16-06-2015 को प्रस्तुत )
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लोग जलते रहे मेरी मुस्कान पर,
मैंने दर्द की अपने नुमाईश न की
जब जहाँ जो मिला अपना लिया,
जो न मिला उसकी ख्वाहिश न की।

लोग जलते रहे शायरी
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