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सोचा था कि मिटाकर

( एडमिन द्वारा दिनाँक 03-07-2015 को प्रस्तुत )
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सोचा था कि मिटाकर सारी निशानी तेरी,
चैन से सो जायेंगे ।
बंद आँखो ने अक्स देखा तेरा,
तो बेचैन दिल ने पुकारा तुझको ।

सोचा था कि मिटाकर शायरी
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