होम / ग़म शायरी / दुनिया के रंग

दुनिया के रंग

( सुनीता द्वारा दिनाँक 19-04-2017 को प्रस्तुत )
-Advertisement-

क्या खूब दिखाया दुनिया ने अपना रंग,
हम रंग भरते भरते खुद बे-रंग हो गए।
-सुनीता

-Advertisement-

आप इन्हें भी पसंद करेंगे

-Advertisement-
पेज शेयर करें
   
© 2015-2017 हिंदी-शायरी.इन | डिसक्लेमर | संपर्क करें | साईटमैप
Best Shayari in hindi | Love Sad Funny Shayari and Status in Hindi