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बीमारे-इश्क को आराम

( इमरान कबीर द्वारा दिनाँक 27-04-2017 को प्रस्तुत )
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गजल-ए-उल्फत पढ़ लिया करो,
एक खुराक सुबह एक खुराक शाम,
ये वाहिद दवा है जिससे,
बीमारे-इश्क को मिलता है तुरंत आराम।

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