होम / दो लाइन शायरी / बस यही दो मसले

बस यही दो मसले

( मनोज तिवारी द्वारा दिनाँक 15-05-2017 को प्रस्तुत )
-Advertisement-

बस यही दो मसले, जिंदगी भर ना हल हुए,
ना नींद पूरी हुई... ना ख्वाब मुकम्मल हुए।

-Advertisement-

आप इन्हें भी पसंद करेंगे

-Advertisement-
पेज शेयर करें
   
© 2015-2017 हिंदी-शायरी.इन | डिसक्लेमर | संपर्क करें | साईटमैप
Best Shayari in hindi | Love Sad Funny Shayari and Status in Hindi