होम / हिंदी उर्दू ग़ज़ल / ये लम्हा ये वक़्त

ये लम्हा ये वक़्त

( मोहम्मद फैज़ अली द्वारा दिनाँक 12-06-2017 को प्रस्तुत )
-Advertisement-

काश ये लम्हा ये वक़्त यूं ही गुजर जाता,
तू सामने होती और वक़्त ठहर जाता...।

हम सोचते फिरते कि किसे अपना बना ले
हमें हर चेहरे में बस तू ही नजर आता...।

सारी दुनिया से बेवफाई करके ऐ जान,
मैं तुझे वफ़ा का सबक़ सुनाता...।

लोग कहते कि पागल सा हो गया है तू,
फिर भी तेरी यादों में हर वक़्त मुस्कुराता...।

क्या करूँ बहुत मजबूर हो गया हूँ तेरी मोहब्बत में
ऐ हसरत...
अब तो ख्वाबों का हर तारा मुझे टूटा नजर आता...।

-Advertisement-

आप इन्हें भी पसंद करेंगे

-Advertisement-
पेज शेयर करें
   
© 2015-2017 हिंदी-शायरी.इन | डिसक्लेमर | संपर्क करें | साईटमैप
Best Shayari in hindi | Love Sad Funny Shayari and Status in Hindi