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साँसों को आराम

( विष्णु कश्यप द्वारा दिनाँक 24-08-2017 को प्रस्तुत )
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आसमान के परे मुकाम मिल जाए,
खुदा को मेरा ये पैगाम मिल जाए,
थक गयी है धड़कनें अब तो चलते चलते,
ठहरे सांसे तो शायद आराम मिल जाए।

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