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दर्द बेचारा परेशाँ

( एडमिन द्वारा दिनाँक 29-08-2017 को प्रस्तुत )
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एक दो ज़ख्म नहीं जिस्म है सारा छलनी
दर्द बेचारा परेशाँ है... कहाँ से निकले।

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