होम / ग़म शायरी / वो सूरज की तरह

वो सूरज की तरह

( एडमिन द्वारा दिनाँक 25-09-2015 को प्रस्तुत )
-Advertisement-

वो सूरज की तरह आग उगलते रहे,
हम मुसाफिर सफ़र पे ही चलते रहे,
वो बीते वक़्त थे, उन्हें आना न था,
हम सारी रात करवट बदलते रहे।

-Advertisement-

आप इन्हें भी पसंद करेंगे

-Advertisement-
Ads from AdNow
loading...
पेज शेयर करें
   
© 2015-2017 हिंदी-शायरी.इन | डिसक्लेमर | संपर्क करें | साईटमैप
Best Shayari in hindi | Love Sad Funny Shayari and Status in Hindi