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सफ़र का पता चला

( नदीम अहमद द्वारा दिनाँक 03-12-2017 को प्रस्तुत )
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छुप-छुप के एहतमाम में सफ़र का पता चला,
वो जुदा हो गया तब उसके हुनर का पता चला,
जब एक-एक फूल उड़ा ले गई हवा,
तब जाकर बहार को मेरे घर का पता चला।

सफ़र का पता चला शायरी
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