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जुदाई का सबब

( एडमिन द्वारा दिनाँक 10-10-2015 को प्रस्तुत )
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हो जुदाई का सबब कुछ भी मगर,
हम उसे अपनी खता कहते हैं,
वो तो साँसों में बसी है मेरे,
जाने क्यों लोग मुझसे जुदा कहते हैं।

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