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पत्थर हूँ मैं

( विकास द्विवेदी द्वारा दिनाँक 19-08-2018 को प्रस्तुत )
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पत्थर हूँ मैं... चलो मान लिया मैंने,
तुम तो हुनरमंद थे तराशा क्यूँ नहीं?

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