होम / ग़म शायरी / ताल्लुक़ का बोझ

ताल्लुक़ का बोझ

( एडमिन द्वारा दिनाँक 25-08-2018 को प्रस्तुत )
-Advertisement-

तमाम उम्र ताल्लुक़ का बोझ कौन सहे
उसे कहो के चुका ले हिसाब कितने हैं।

ताल्लुक़ का बोझ शायरी
-Advertisement-

आप इन्हें भी पसंद करेंगे

-Advertisement-
पेज शेयर करें
   
© 2015-2018 हिंदी-शायरी.इन | डिसक्लेमर | संपर्क करें | साईटमैप
Best Shayari in hindi | Love Sad Funny Shayari and Status in Hindi