होम / प्रेरक शायरी / अंधेरों में मंजिल शायरी

अंधेरों में मंजिल शायरी

( एडमिन द्वारा दिनाँक 26-12-2015 को प्रस्तुत )
-Advertisement-

जब टूटने लगे हौसले तो बस ये याद रखना,
बिना मेहनत के हासिल तख्तो ताज नहीं होते,
ढूंढ़ लेना अंधेरों में मंजिल अपनी,
जुगनू कभी रौशनी के मोहताज़ नहीं होते।

-Advertisement-

आप इन्हें भी पसंद करेंगे

-Advertisement-
Ads from AdNow
loading...
पेज शेयर करें
   
© 2015-2017 हिंदी-शायरी.इन | डिसक्लेमर | संपर्क करें | साईटमैप
Best Shayari in hindi | Love Sad Funny Shayari and Status in Hindi