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हज़ारों जैसा न समझना

( एडमिन द्वारा दिनाँक 26-12-2015 को प्रस्तुत )
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ना तो बिका हूँ ना ही कभी बिक पाऊंगा,
ये ना समझना मै भी हज़ारो जैसा हूँ।

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