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ज़िन्दगी दरस्त-ए-ग़म

( एडमिन द्वारा दिनाँक 27-02-2019 को प्रस्तुत )
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ज़िन्दगी दरस्त-ए-ग़म थी और कुछ नहीं,
ये मेरा ही हौंसला है की दरम्यां से गुज़र गया।

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