होम / दो लाइन शायरी / कोई नया जख्म हिंदी शायरी

कोई नया जख्म हिंदी शायरी

( विपुल प्रजापति द्वारा दिनाँक 11-02-2016 को प्रस्तुत )
-Advertisement-

कितनी जल्दी दूर चले जाते है वो लोग,
जिन्हें हम जिंदगी समझ कर कभी खोना नहीं चाहते।
--------------------------------------
आज कोई नया जख्म नहीं दिया उसने मुझे,
कोई पता करो वो ठीक तो है ना।
--------------------------------------
कहाँ नहीं तेरी यादों के कांटे,
कहाँ तक कोई दामन बचा के चले।
--------------------------------------
दम तोड़ जाती है हर शिकायत लबों पे आकर,
जब मासूमियत से वो कहती है मैंने क्या किया है?
--------------------------------------
उसके सिवा किसी और को चाहना मेरे बस में नहीं,
ये दिल उसका है, अपना होता तो बात और थी।
--------------------------------------
उस दिल की बस्ती में आज अजीब सा सन्नाटा हैं ,
जिस में कभी तेरी हर बात पर महफ़िल सज़ा करती थी।
--------------------------------------
तेरा नज़रिया मेरे नज़रिये से अलग था,
शायद तुझे वक्त, गुज़ारना था और मुझे जिन्दगी।
--------------------------------------
डरता हूँ कहने से की मोहब्बत है तुम से,
कि मेरी जिंदगी बदल देगा तेरा इकरार भी और इनकार भी।
--------------------------------------
सलीक़ा हो अगर भीगी हुई आँखों को पढने का,
तो फिर बहते हुए आंसू भी अक्सर बात करते हैं।
--------------------------------------
ये भी एक तमाशा है इश्क ओ मोहब्बत में,
दिल किसी का होता है और बस किसी का चलता है।

-Advertisement-

आप इन्हें भी पसंद करेंगे

-Advertisement-
पेज शेयर करें
   
© 2015-2017 हिंदी-शायरी.इन | डिसक्लेमर | संपर्क करें | साईटमैप
Best Shayari in hindi | Love Sad Funny Shayari and Status in Hindi