टूटी डाली का दर्द

टूटी हुई डाली का दर्द उसकी साख से पूँछो,
धरती की प्यास बरसात से पूँछो,
मैं आपको कितना चाहता हूँ,
ये मुझसे नहीं अपने आप से पूँछो।

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