होम / हिंदी उर्दू ग़ज़ल / रुके से हम रुके से तुम

रुके से हम रुके से तुम

( विपुल कुमार द्वारा दिनाँक 15-02-2015 को प्रस्तुत )
-Advertisement-

रुके से हम रुके से तुम और ज़माना बढ़ गया,
ये तेरा दिल मेरे दिल में जाने कब उतर गया ।

अभी तो प्यार की शुरुआत हो रही है सनम,
अभी से ही दिल मेरा तेरा ठिकाना बन गया ।

तुम मिले तो यूं लगा मिल गया मेरा खुदा,
नज़रे मिली तुमसे मेरी और फ़साना बन आया ।

~ विपुल कुमार
-Advertisement-

आप इन्हें भी पसंद करेंगे

-Advertisement-
Ads from AdNow
loading...
पेज शेयर करें
   
© 2015-2017 हिंदी-शायरी.इन | डिसक्लेमर | संपर्क करें | साईटमैप
Best Shayari in hindi | Love Sad Funny Shayari and Status in Hindi