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तुम साक़ी बने तो...


( एडमिन द्वारा दिनाँक 17.04.16 को प्रस्तुत )
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तुम आज साक़ी बने हो तो शहर प्यासा है
हमारे दौर में ख़ाली कोई गिलास न था।




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