इंतज़ार शायरी

किन लफ्जों में लिखूँ

किन लफ्जों में लिखूँ मैं अपने इन्तजार को तुम्हें,
बेजुबां है इश्क़ मेरा ढूँढता है खामोशी से तुझे।

-Advertisement-

चांदनी रात बड़ी देर

ये चांदनी रात बड़ी देर के बाद आयी,
ये हसीं मुलाक़ात बड़ी देर के बाद आयी,
आज आये हैं वो मिलने को बड़ी देर के बाद,
आज की ये रात बड़ी देर के बाद आयी।

-Advertisement-

इश्क़ की आग मेरे दिल

उस इश्क़ की आग मेरे दिल को आज भी जलाया करती है,
जुदा हुए तो क्या हुआ ये आँख आज भी उनका इंतज़ार करती है।

प्यार कम ना होगा

न देखने से मेरा प्यार कम ना होगा,
तू पलट के ना देख इजहार कम ना होगा,
तुझको देख कर धड़कनें बढ़ जाती है सच है,
लेकिन तेरे लिए मेरे दिल में प्यार कभी कम ना होगा।

-Advertisement-

Tumhein Aana Na Tha

Tum Taaron Ki Tarah Raat Bhar Chamkte Rahe,
Hum Chaand Ki Tarah Tanha Safar Karte Rahe,
Tum Toh Beete Waqt The Tumhein Aana Na Tha,
Yoon Hi Hum Saari Raat Karbatein Badalte Rahe.

तुम तारों की तरह रात भर चमकते रहे,
हम चाँद की तरह तन्हा सफ़र करते रहे,
तुम तो बीते वक़्त थे... तुम्हें आना न था,
यूँ ही हम सारी रात करबटें बदलते रहे।

-Advertisement-

Intezar Marne Bhi Deta

Kishto Mein Khudkushi Kar Rahi Hai Ye Zindgi,
Intezar Tera Mujhe Poora Marne Bhi Nahi Deta.

किश्तों में खुदकुशी कर रही है ये जिन्दगी...
इंतज़ार तेरा...मुझे पूरा मरने भी नहीं देता ।

इंतज़ार हर शाम तेरा

इंतज़ार रहता है हर शाम तेरा,
यादें कटती हैं ले ले कर नाम तेरा,
मुद्दत से बैठे हैं यह आस पाले,
कि कभी तो आएगा कोई पैगाम तेरा।

-Advertisement-

हर घडी आपका इंतज़ार

आँखें भी मेरी पलकों से सवाल करती हैं,
हर वक़्त आपको ही तो याद करती हैं,
जब तक देख न लें चेहरा आपका,
हर घडी आपका ही इंतज़ार करती हैं।