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हिंदी में प्रेरक शायरी

लकीरों में क्या रखा है...

लग गयी आग जमाने में तो बचा क्या है,
अगर बच गया मैं तो फिर जला क्या है,
मेहनत से ही यहाँ सबकुछ मिलता है दोस्तो,
इन हाथों की लकीरों में रखा क्या है।

राजेश भगत द्वारा दिनाँक 09-01-2018 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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समंदर न डुबो पाया...

गर्दिश मे बसर कर ली ज़िन्दगी
उन चमकते सितारों की जरूरत नहीं है,
खुद ही गिरते और खुद ही संभलते हैं
अब किसी के सहारों की जरूरत नहीं है,
नदी हो दरिया हो या हो भंवर भी,
छू भी न पाये ऊँची लहरों की हलचल
समंदर भी न डुबो पाया मेरी कश्ती को
मुझे किसी किनारे की जरूरत नहीं है।
~प्रवीण कुमार पांडेय

प्रवीण कुमार पांडेय द्वारा दिनाँक 06-01-2018 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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हार कर भी मुस्कुराना...

फूलों की तरह मुस्कुराना जिंदगी में,
मुस्कुरा के गम भुलाना जिंदगी में ,
जीत कर खुश हुए तो क्या खुश हुए,
हार कर भी मुस्कुराना जिंदगी में।

पूजा महेरिया खारिया द्वारा दिनाँक 13-12-2017 को प्रस्तुत | कमेंट करें

गिरने में हार नहीं...

तेरे गिरने में तेरी हार नहीं...
तू आदमी है अवतार नहीं...
गिर, उठ, चल, फिर भाग...
क्योंकि...
जीत संक्षिप्त है इसका कोई सार नहीं।

मनीष उपाध्याय द्वारा दिनाँक 02-10-2017 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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समर में घाव खाता है...

समर में घाव खाता है उसी का मान होता है,
छिपा उस वेदना में अमर बलिदान होता है,
सृजन में चोट खाता है छेनी और हथौड़ी का,
वही पाषाण मंदिर में कहीं भगवान होता है।

समर में घाव खाता है शायरी
अमृत लाल द्वारा दिनाँक 20-09-2017 को प्रस्तुत | कमेंट करें

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