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Judaai Shayari in Hindi

कोई मरता नहीं जुदाई में...


रब किसी को किसी पर फ़िदा न करे,
करे तो क़यामत तक जुदा न करे,
ये माना की कोई मरता नहीं जुदाई में,
लेकिन जी भी तो नहीं पाता तन्हाई में।


कोई मरता नहीं जुदाई में शायरी

एडमिन द्वारा दिनाँक 23.02.16 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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अंजाम जुदाई निकला...


बेवफा वक़्त था..?
तुम थे..?
या मुकद्दर था मेरा..?
बात इतनी ही है की अंजाम जुदाई निकला ।



एडमिन द्वारा दिनाँक 17.10.15 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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जुदाई का सबब...


हो जुदाई का सबब कुछ भी मगर,
हम उसे अपनी खता कहते हैं,
वो तो साँसों में बसी है मेरे,
जाने क्यों लोग मुझसे जुदा कहते हैं।



एडमिन द्वारा दिनाँक 10.10.15 को प्रस्तुत | कमेंट करें

याद में तेरी आँहें...


याद में तेरी आँहें भरता है कोई,
हर सांस के साथ तुझे याद करता है कोई,
मौत तो सचाई है आनी ही है,
लेकिन तेरी जुदाई में हर रोज़ मरता है कोई।



एडमिन द्वारा दिनाँक 08.10.15 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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किसी से जुदा होना...


किसी से जुदा होना इतना आसान होता तो,
रूह को जिस्म से लेने फ़रिश्ते नहीं आते।



एडमिन द्वारा दिनाँक 24.09.15 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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