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Kaash Shayari in Hindi

तेरी वफ़ा तेरा हुस्न...


तेरे हुस्न पे तारीफों भरी किताब लिख देता,
काश... तेरी वफ़ा तेरे हुस्न के बराबर होती ।



एडमिन द्वारा दिनाँक 21.10.15 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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क़िस्मत में लिखा होता...


उस की हसरत को मेरे दिल में लिखने वाले,
काश... उसको भी मेरी क़िस्मत में लिखा होता।



एडमिन द्वारा दिनाँक 21.10.15 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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तन्हा नहीं करते...


काश... तू समझ सकती मोहब्बत के उसूलो को,
किसी की सांसो में समाकर उसे तन्हा नहीं करते ।



एडमिन द्वारा दिनाँक 14.10.15 को प्रस्तुत | कमेंट करें

काश तू भी बन जाए...


काश तू भी बन जाए तेरी यादों कि तरह,
न वक़्त देखे न बहाना बस चली आये ।।


काश तू भी बन जाए शायरी

एडमिन द्वारा दिनाँक 06.07.15 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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वो रोज़ देखता है...


वो रोज़ देखता है डूबते सूरज को इस तरह,
काश मैं भी किसी शाम का मंज़र होता ।।



एडमिन द्वारा दिनाँक 04.02.15 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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