Read Shayari in Hindi

रास्ते तबाही के...


रास्ते खुद ही तबाही के निकाले हमने,
कर दिया दिल किसी पत्थर के हवाले हमने,
हमें मालूम है क्या चीज़ है मोहब्बत यारो,
घर अपना जला कर किये हैं उजाले हमने।


रास्ते तबाही के शायरी

एडमिन द्वारा दिनाँक 28.11.16 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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लौ चिरागों की...


अभी महफ़िल में चेहरे नादान नज़र आते हैं,
लौ चिरागों की जरा और घटा दी जाये।



एडमिन द्वारा दिनाँक 28.11.16 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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उसके होते चले गए...


सपनों की दुनिया में हम खोते चले गए,
मदहोश न थे पर मदहोश होते चले गए,
ना जाने क्या बात थी उस चेहरे में,
ना चाहते हुए भी उसके होते चले गए।



एडमिन द्वारा दिनाँक 28.11.16 को प्रस्तुत | कमेंट करें

कहूँ कैसे कि...


बिखरे अरमान, भीगी पलकें और ये तन्हाई,
कहूँ कैसे कि मिला मोहब्बत में कुछ भी नहीं।


कहूँ कैसे कि शायरी

एडमिन द्वारा दिनाँक 28.11.16 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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तल्ख़ जवाबे वफ़ा...


ऐसा तल्ख़ जवाबे-वफ़ा पहली ही दफा मिला,
हम इस के बाद फिर कोई अरमां न कर सके।



एडमिन द्वारा दिनाँक 28.11.16 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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