Read Shayari in Hindi

आँखें छलक पड़ीं...


आया ही था खयाल कि आँखें छलक पड़ीं,
आँसू किसी की याद के कितने करीब हैं।


आँखें छलक पड़ीं शायरी

एडमिन द्वारा दिनाँक 07.12.16 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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तुम्हें रातें रुलायेंगी...


मेरी यादें, मेरा चेहरा, मेरी बातें रुलायेंगी,
हिज़्र के दौर में, गुज़री मुलाकातें रुलायेंगी,
दिन तो चलो तुम काट भी लोगे फसानों में,
जहाँ तन्हा रहोगे तुम, तुम्हें रातें रुलायेंगी।


तुम्हें रातें रुलायेंगी शायरी

एडमिन द्वारा दिनाँक 07.12.16 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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मेरी दर्द भरी रातें...


सजा कैसी मिली मुझको तुमसे दिल लगाने की,
रोना ही पड़ा है जब कोशिश की मुस्कुराने की,
कौन बनेगा यहाँ मेरी दर्द-भरी रातों का हमराज,
दर्द ही मिला जो तुमने कोशिश की आजमाने की।



एडमिन द्वारा दिनाँक 07.12.16 को प्रस्तुत | कमेंट करें

सो जा ऐ दिल...


सो जा ऐ दिल आज धुंध बहुत है... तेरे शहर में
अपने दिखते नहीं और जो दिखते है वो अपने नहीं।



एडमिन द्वारा दिनाँक 07.12.16 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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खामोशियों के जवाब...


खामोशियों से मिल रहे, खामोशियों के जवाब,
अब कैसे कहूँ कि उनसे मेरी बात नहीं होती।


खामोशियों के जवाब शायरी

एडमिन द्वारा दिनाँक 07.12.16 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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