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Sad Shayari in Hindi

आँसू निकल पड़े...


इतना तो ज़िंदगी में, न किसी की खलल पड़े,
हँसने से हो सुकून, न रोने से कल पड़े,
मुद्दत के बाद उसने, जो की लुत्फ़ की निगाह,
जी खुश तो हो गया, मगर आँसू निकल पड़े।



एडमिन द्वारा दिनाँक 28.11.16 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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दरिया का नजारा...


बहुत लहरों को पकड़ा डूबने वाले के हाथों ने,
यही बस एक दरिया का नजारा याद रहता है,
मैं किस तेजी से जिन्दा हूँ मैं ये तो भूल जाता हूँ,
नहीं आना है दुनिया में दोबारा याद रहता है।



एडमिन द्वारा दिनाँक 27.11.16 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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बेरुखी की इन्तेहाँ...


देखी है बेरुखी की... आज हम ने इन्तेहाँ,
हमपे नजर पड़ी तो वो महफ़िल से उठ गए।



एडमिन द्वारा दिनाँक 27.11.16 को प्रस्तुत | कमेंट करें

जुस्तजू का सिला...


हमें अपने घर से चले हुए,
सरे राह उमर गुजर गई,
न कोई जुस्तजू का सिला मिला,
न सफर का हक ही अदा हुआ।


जुस्तजू का सिला शायरी

एडमिन द्वारा दिनाँक 27.11.16 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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चाहत रास न आयी...


छोंड़ गए हमको वो अकेले ही राहों में,
चल दिए रहने वो गैर की पनाहों में,
शायद मेरी चाहत उन्हें रास नहीं आयी,
तभी तो सिमट गए वो औरों की बाँहों में।


चाहत रास न आयी शायरी

कौशल किशोर प्रजापति द्वारा दिनाँक 26.11.16 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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